BSEB, कक्षा- 7, हमारी दुनिया, भाग- 2, पाठ- 3, आंतरिक बल एंव उससे बनने वाली भू – आकृतियाँ | BSEB, Class-7, Our world, Part-2, Lesson-3, Internal forces and geo-motifs made from it

कक्षा- 7     हमारी दुनिया             भाग- 2

 

  1. आंतरिक बल एंव उससे बनने वाली भू – आकृतियाँ

i.(1) छोटानागपुर क्या है?

 (क) एक पठार (ख) एक मैंदान (ग) एक झील (घ) एक पर्वत 

ans-

छोटानागपुर का पठार तीन छोटे छोटे पठारों से मिलकर बना है जिनमे राँची का पठार, हजारीबाग का पठार और कोडरमा का पठार शामिल है। राँची पठार सबसे बड़ा पठार है जिसकी औसत ऊँचाई 700 मीटर है। पूरे छोटानागपुर पठार का क्षेत्रफल लगभग 65,000 वर्ग किलो

  1. i. (2) भू-सतह पर भूकंप के केन्द के ऊपर स्थित स्थान क्या कहलाता है?

 (क) क्रेटर (ख) अधिकेन्द (ग) लावा (घ) भू-पटल

ans-

पृथ्वी के केन्द्र को भूकम्प के केन्द्र से जोड़ने वाली रेखा जिस स्थान पर पृथ्वी की सतह को काटती है उसे भूकम्प का अभिकेन्द्र (epicenter) कहते हैं।

  1. i. (3). भारत को कितने भूकंप तीव्रता के क्षेत्रों में बांटा गया है?

 (क) 5          (ख) 4           (ग) 3            (घ) 7

ans- 4

भारतीय मानक ब्यूरो (आईएस-1893 (भाग-1): 2002) ने अनेक एजेंसियों से प्राप्त विभिन्न वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों या जोन यानी जोन-2, 3, 4, और 5 में बांटा है।

i.(4) सतपुरा पर्वत उदाहरण है-

(क) भ्रंश घाटी का (ख) वलित पर्वत का (ग) ब्लाँक पर्वत का (घ) भ्रशोतथ पर्वत का

Ans- (ग) ब्लाँक पर्वत का     

यह पर्वत श्रेणी एक ब्लाक पर्वत है, जो मुख्यत: ग्रेनाइट एवं बेसाल्ट चट्टानों से निर्मित है।

  1. सही मिलान कर लिखिए –

1.हिमालय            (क) संचयन पर्वत

2.फ्यूजियामा          (ख) वलित पर्वत

3.अरावली             (ग) लावा निर्मित पठार

4.दक्कन             (घ) अवशिष्ट पर्वत

1.हिमालय(ख) वलित पर्वत           

2.फ्यूजियामा(क) संचयन पर्वत         

3.अरावली(घ) अवशिष्ट पर्वत             

4.दक्कन(ग) लावा निर्मित पठार

iii. स्पष्ट कीजिए –

अधिकेन्द– पृथ्वी की सतह पर वह स्थल-बिंदु जो भूकंप के उद्गम केंद्र से सब से कम दूरी पर स्थित होता है और इसी स्थल-बिंदु पर भूकंपी तरंगों की ऊर्जा का विमोचन होता है

iii. स्पष्ट कीजिए –

उद्गम केंद्र- पृथ्वी के अन्दर जिस स्थान पर भूकम्प का जन्म होता है, उस स्थान को भूकम्प केन्द्र या भूकम्प उद्गम मूल कहा जाता है ।

सिस्मो ग्राफ- इसमें कागज पर ग्राफ बनता है जब भूकम्प आता है तो पेंसिल से कागज पर ग्राफिक्स बनने लगती हैं उसी ग्राफ से तीव्रता का पता चलता है

iii. स्पष्ट कीजिए

रिक्टर स्केल- इसमें लघुगणकीय संख्या 1-10 तक अंकित रहती है | भूकम्प की उच्चतम आयाम और निम्नतम

iv . (1) भूकम्प क्यों आते हैं ?

ans-

हमारी पृथ्वी की उपरी सतह प्लेटों में विभाजित है जो हमेशा गतिमान रहती है | उस गति के कारण कुछ प्लेटों एक दुसरे के पास आती हैं तो कुछ दूर जाती हैं तो कुछ दूर जाती हैं तो कुछ साथ –साथ रहती हैं | जिसके कारण आपस में टकराहट होती है और कंपन शुरू होता है इसी कारण भूकंप आते है |

(2) भूकंप का मानव जीवन पर क्या प्रभाव परता है ?

Ans – भूकंप का मानव जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव परता है | छोटे –बरे मकान ध्वस्त हो जाते हैं | बहुत –से आदमी उसके मलवे में दब जाते हैं | इस प्रकार भारी जानमाल की हानी होती है |

(3) ज्वालामुखी किसे कहते हैं ?

Ans – कभी – कभी और कहीं – कहीं पृथ्वी के अन्दर से तस्ल अग्नि की ज्वाला निकलने लगती है, उसी को ज्वालामुखी कहते है |

(4) पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के परिणामस्वरूप निर्मित होने वाली स्थ्लाकृतियाँ कौन – कौन सी हैं | वर्णन कीजिए ?

Ans – पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के परिणामस्वरूप निर्मित होने वाली स्थ्लाकृतियाँ अनेक हैं | ज्वालामुखी पर्वत पृथ्वी की आंतरिक शक्ति का परिणाम हैं | वैसे ही पृथ्वी की आंरतरिक शक्ति से पहार बनते हैं, पहारियां बनती हैं और पठार बनते हैं | पठारों पर भी पहरियाँ दिख जाती हैं |

(5) पर्वत के प्रकारों का उदाहरण सहित वर्णन करें |

Ans – पर्वत चार प्रकार के होते है :

(i) वलित पर्वत – धरातलीय भाग पर उत्पन दाब के कारण चट्टानों में बल परने लगते हैं | इससे वहां की धरातल ऊपर उठ जाता है | और वलित पर्वत बनता है | उदाहरण में एशिया का हिमालय, यूरोप का राकी |

(ii) भारंशोत्थ पर्वत – धरातल पर कहीं और कभी समान्तर भारंश के बाद बीच का भाग ऊपर उठा रह जाता है पर्वत – सा दिखने लगता है | ऐसे ही पर्वत को भारंशतथ पर्वत कहते है | जैसे यूरोप का ब्लैक फर्रेस्ट और भारत का विंध्याचल |

(iii) संचयन वर्वत – ज्वालमुखी द्वारा निकले लावा ठंडा होकर संचित होते जाते है | कालक्रम में इस संचित लावा का ढेर लग जाता है और पर्वत बन जाता है इसी को संचयन पर्वत कहते है | जैसे जपान का फ्यूजियामा तथा अफ्रीका किलीमजारो |

(iv) अवशिष्ट पर्वत – हवा, वर्षा, बर्फबारी आदि अपरदन की शक्तियों द्वारा पर्वत की चोटी कटती – छटती तथा घिसती रहती है | इससे इसकी ऊचाई बहुत कम हो जाती है | जैसे – अरावली, पूर्व और पशिचमी घाट पर्वत |

(6) भूकंप से होनेवाली क्षति से हम कैसे बच सकते हैं ?

Ans – भूकंप से होनेवाली क्षति से हम तभी बच सकते हैं जब नागरिकों को इससे बचने के उपायों से अवगत करायें | जो भी भवन बने, उनको विज्ञानिक ढंग से भूकंपरोधी बनाया जाय | इससे भूकंम से होनेवाली क्षती को कम किया जा सकता है या क्षति से बचा जा सकता है |

 

BSEB, कक्षा- 7, हमारी दुनिया, भाग- 2, पाठ-2, चट्टान एवं खनिज , अभ्यास | BSEB, Class-7, Our World, Part-2, Lesson-2, Rock and Minerals, Practice.

कक्षा- 7     हमारी दुनिया             भाग- 2

 

  1. चट्टान एवं खनिज

i.1. इनमें रूपांतरित चट्टान कौन है?

 (क) बेसाल्ट (ख) चूना पत्थर (ग) संगमरमर (घ) ग्रेनाइट

Ans- (घ) ग्रेनाइट  

भारत में भी यह प्रचुरता से मिलता है। मैसूर, उत्तर आरकट, मद्रास, राजपूताना, सलेम, बुंदेलखंड और सिंहभूमि में पर्याप्त प्राप्त होता है।

तमिलनाडु के तंजावुर नगर में स्थित वृहदेश्वर मंदिर विश्व का पहला ऐसा मंदिर है जो ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है।

  1. i. बेसाल्ट किस प्रकार की चट्टान है?

 (क) अवसादी (ख) आग्नेय (ग) कायांतरित (घ) परतदार

Ans- (ख) आग्नेय  

आग्नेय चट्टानें पिघले हुए चट्टानी पदार्थ के ठंढे होकर जम जाने से बनती हैं।

  1. i. 3. चट्टानों के रुपान्तरण में किसका योगदान होता है?

 (क) तापमान (ख) दबाव (ग) रासायनिक द्रव्य (घ) उपयुक्त सभी

Ans- (घ) उपयुक्त सभी   

  1. (क) जो चट्टान ज्वालामुखी से निकले लावा के ठंडा होने से बनती है …………….चट्टानें कहलाती हैं |

Ans- आग्नेय     

  1. (ख) जिन चट्टानों में परत पायी जाती है उन्हें ………………..चट्टानें कहते हैं |

Ans- परतदार     

  1. (ग) ज्वालामुखी से निकला गर्म पदार्ध …………………….कहलाता है |

Ans- लावा      

  1. (घ) अत्यधिक ……….एवं ……………..के कारण चट्टानों के लक्षण बदल जाते हैं |

Ans- निचे     

ताप और दाब

iii. सही मिलान कर लिखिए |

  1. सेंधा नामक (क) आग्नेय चट्टान 
  2. ग्रेनाइट (ख) अवसादी चट्टान
  3. संगमरमर (ग) रूपांतरित चट्टान

Ans- निचे     

सेंधा नमक       अवसादी

ग्रेनाइट          आग्नेय चट्टान

संगमरमर        रूपांतरित चट्टान

  1. (क) चट्टान किसे कहते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए |

Ans- निचे     

पृथ्वी की ऊपरी परत या भू-पटल (क्रस्ट) में मिलने वाले पदार्थ चाहे वे ग्रेनाइट तथा बालुका पत्थर की भांति कठोर प्रकृति के हो या चाक या रेत की भांति कोमल; चाक एवं लाइमस्टोन की भांति प्रवेश्य हों या स्लेट की भांति अप्रवेश्य हों, चट्टान अथवा शैल (रॉक) कहे जाते हैं। इनकी रचना विभिन्न प्रकार के खनिजों का सम्मिश्रण हैं। चट्टान कई बार केवल एक ही खनिज द्वारा निर्मित होती है

  1. (ख) चट्टानों का रुपान्तरण कैसे होता है? स्पष्ट कीजिए |

Ans- निचे     

चट्टानों में रूपांतरण शीघ्रता से तथा धीरे-धीरे भी हो सकता है।

इनका विवरण इस प्रकार है,

ताप(Heate)- . …

दबाव (Compression)- अत्यधिक दबाव के कारण नीचे स्थित चट्टानों में रूपांतरण हो जाता है। …

घोल (Solution)- विभिन्न रासायनिक पदार्थों के संपर्क के कारण चट्टानों में स्थित पदार्थ घुल जाते हैं और उनमें परिवर्तन हो जाता है।

  1. (ग) अवसादी चट्टान तथा आग्नेय चट्टानों में अन्तर स्पष्ट कीजिए |

Ans- निचे     

निम्नलिखित अंतर हैं –

अपक्षय एवं अपरदन के विभिन्न साधनों द्वारा मौलिक चट्टनों के विघटन, वियोजन और टूटने से परिवहन तथा किसी स्थान पर जमाव के परिणामस्वरुप उनके अवसादों से निर्मित शैल को अवसादी शैल (sedimentary rock) कहा जाता हैं।

आग्नेय शैल (अंग्रेज़ी: Igneous rock) वे शैल हैं जिनकी रचना धरातल के नीचे स्थित तप्त एवं तरल चट्टानी पदार्थ, अर्थात् मैग्मा, के सतह के ऊपर आकार लावा प्रवाह के रूप में निकल कर अथवा ऊपर उठने के क्रम में बाहर निकल पाने से पहले ही, सतह के नीचे ही ठंढे होकर इन पिघले पदार्थों के ठोस रूप में जम जाने से होती है।

  1. (घ) पत्थरों का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है? सूची बनाइए |

Ans- निचे     

पत्थरों का उपयोग पहले घर, महल, कोठी और किला बनाने में होता था | वाराणसी के प्रायः सभी प्राचीन भवन पत्थर के ही बने हैं | आज भी झारखण्ड में पत्थरों का उपयोग घर तथा चहार-दीवार बनाने में होता है | वैसे आम तौर पर सरक बनाने मकानों का छत बनाने तथा फर्श को पक्का करने के लिए विभिन्न आकारों के पत्थरों का उपयोग होता है |

  1. (च) छत की धलाई में कौन सा पत्थर इस्तेमाल होता है?

Ans – निचे

—छत की ढलाई में स्लेट पत्थर इस्तेमाल होता है

—यह अपने स्थायित्व और आकर्षक उपस्थिति के कारण छत, फर्श, और फ़्लैगिंग जैसे विभिन्न प्रकार के उपयोगों के लिए लोकप्रिय है। स्लेट मिट्टी के खनिजों या मीका से बना है, जो कि मेटामोर्फिज़्म की डिग्री पर निर्भर करता है

  1. (छ) उन खेलों की सूची बनाइए जिनमें पत्थरों का उपयोग होता है?

Ans – निचे

खो-खो, पोशम्पा, किट्ठु, पिट्ठू जैसे खेलों को याद किया जाये। … इसमें सात छोटे पत्थरों की जरूरत होती है; हर पत्थर का आकार दूसरे पत्थर से कम होना चाहिए

  1. iv. (ज) चट्टानों के प्रकार और उनकी बनावट के बारे में लिखिए |

Ans – निचे

चट्टाने तीन प्रकार के होते है।

  1. आग्नेय चट्टान अथवा प्राथमिक चट्टान- आग्नेयचट्टानें पिघले हुए चट्टानीपदार्थ के ठंढे होकर जम जाने से बनती हैं। ये रवेदार भी हो सकती है और बिना कणों या रवे के भी। … पृथ्वी के धरातल की उत्पत्ति में सर्वप्रथम इनका निर्माण होने के कारण इन्हें ‘प्राथमिक शैल’ भी कहा जाता है।

—2. अवसादी चट्टान परतदार चट्टान- अवसादी चट्टान से तात्पर्य है कि, प्रकृति के कारकों द्वारा निर्मित छोटी-छोटी चट्टानें किसी स्थान पर जमा हो जाती हैं, और बाद के काल में दबाव या रासायनिक प्रतिक्रिया या अन्य कारकों के द्वारा परत जैसी ठोस रूप में निर्मित हो जाती हैं। इन्हें ही ‘अवसादी चट्टान’ कहते हैं। अवसादी शैलों का निर्माण जल, वायु या हिमानी, किसी भी कारक द्वारा हो सकता है। इसी आधार पर अवसादी शैलें ‘जलज’, ‘वायूढ़’ तथा ‘हिमनदीय’ प्रकार की होती हैं।

—अवसादी चट्टानें अधिकांशत: परतदार रूप में पाई जाती हैं।

—इनमें वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं के जीवाश्म बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं।

—इन चट्टानों में लौह अयस्क, फ़ॉस्फ़ेट, कोयला, पीट, बालुका पत्थर एवं सीमेन्ट बनाने की चट्टान पाई जाती हैं।

—खनिज तेल अवसादी चट्टानों में पाया जाता है।

—अप्रवेश्य चट्टानों की दो परतों के बीच यदि प्रवेश्य शैल की परत आ जाए, तो खनिज तेल के लिए अनुकूल स्थिति पैदा हो जाती है।

—दामोदर, महानदी तथा गोदावरी नदी बेसिनों की अवसादी चट्टानों में कोयला पाया जाता है।

—आगरा क़िला तथा दिल्ली का लाल क़िला बलुआ पत्थर नामक अवसादी चट्टानों से ही बना है।

—प्रमुख अवसादी शैलें हैं- बालुका पत्थर, चीका शेल, चूना पत्थर, खड़िया, नमक आदि।

  1. रूपांतरित चट्टान अथवा कायांतरित चट्टान- आग्नेय एवं अवसादी शैलों में ताप और दाब के कारण परिर्वतन या रूपान्तरण हो जाने से कायांतरित शैल (metamorphic rock) का निमार्ण होता हैं। रूपांतरित चट्टानों (कायांतरित शैल) पृथ्वी की पपड़ी के एक बड़े हिस्सा से बनी होती है और बनावट, रासायनिक और खनिज संयोजन द्वारा इनको वर्गीकृत किया जाता है|
  1. iv. (झ) पता करके लखिए कि निम्न भवन किन-किन पत्थरों से बने है |

—रोहतास गढ़ का किला

—लाल किला (दिल्ली)

—पत्थर की मस्जीद (पटना)

—विष्णुपद मंदिर (गया)

—आगरा का किला

—कुतुबमीनार

—विशाल बुध्द मूर्ती गया

—

Ans – निचे

—रोहतास गढ़ का किला      – बहुआ पत्थर

—लाल किला (दिल्ली)        – लाल बलुआ पत्थर

—पत्थर की मस्जीद (पटना)   – बलुआ पत्थर

—विष्णुपद मंदिर (गया)      –  काला बलुआ पत्थर

—आगरा का किला           – लाल बलुआ पत्थर

—कुतुबमीनार               –  बलुआ पत्थर

—विशाल बुध्द मूर्ती गया     – काला बलुआ पत्थर

 

BSEB, कक्षा- 7, हमारी दुनिया, भाग- 2, पाठ-1, पृथ्वी के अन्दर टांक-झांक, अभ्यास | BSEB, Class-7, Our World, Part-2, Lesson-1, Inside Earth Earth, Practice

कक्षा- 7     हमारी दुनिया             भाग- 2

1.पृथ्वी के अन्दर टांक-झांक

2.चट्टान एवं खनिज

3.आंतरिक बल एंव उससे बनने वाली भू – आकृतियाँ

4.वायुमंडल एंव इसका संघटन

5.बिन पानी सब सून

6.हमारा पर्यावरण

7.जीवन का आधार पर्यावरण

8.मानव पर्यावरण अंत:क्रिया: लधाख में जन-जीवन

9.मानव पर्यावरण अंत:क्रिया: थार प्रदेश में जन-जीवन

10.मानव पर्यावरण अंत:क्रिया: अपना प्रदेश बिहार

11.मानव पर्यावरण अंत:क्रिया: तटीय प्रदेश केरल में जन-जीवन

12.मौसम और जलवायु

13.मौसम संबंधी उपकरण

  • ii. (1) भू-पपरटी की…………………
  • भी कहा जाता है |

Ans- भू-पटल   

  • ii. (2) पृथ्वी के अन्दर प्रति…………………

मीटर की गहराई पर तापमान 1 डिग्री C बढ़ जाता है |

Ans- सीमा    

  • iii. मिलान कीजिए :
  • भू-पपरटी- पदार्धो की गाढी अवस्था
  • सीमा- सिलिका और एल्युमिनियम
  • सियाल- खनिज पदार्ध
  • निफे- सिलिका और मैग्नेशियम

ans-

भू-पपरटी  – सिलिका और एल्युमिनियम

सीमा     – सिलिका और मैग्नेशियम 

सियाल    – खनिज पदार्ध

निफे      – पदार्धो की गाढी अवस्था

  1. (1) पृथ्वी की परतों के नाम लिखिए |

पृथ्वी की तीन परतों के नाम निम्नलिखित हैं –

(i)भूपर्ती (Sial)

(ii)मेंटल (Sima)

(iii)क्रोड (Nife)

  1. (2) पृथ्वी की कौन सी परत पिघली अवस्था में रहती है ? और क्यों ?

ans- पृथ्वी की सबसे निचली परत पिघली अवस्था में रहती है | इसकी पिघली अवस्था में रहने का कारण है कि यहाँ अत्यधिक ताप रहता है | अत्यधिक ताप के कारण इस भाग में पाई जाने वाली वस्तुएँ पिघल जाती है और तरल अवस्था में बहती रहती हैं |

  1. (3) पृथ्वी की सबसे निचली परत में कौन से तत्व अधिकता में पाये जाते हैं ?

ANS-

पृथ्वी की सबसे निचली परत में निम्नलिखित तत्व अधिकता में पाये जाते हैं |

(i) निकेल (Ni) (ii) लोहा (Fe), लेकिन ये तत्व वहां ठोस अवस्था में नहीं, बल्की तरल अवस्था में बहते रहते हैं | यह अवस्था पृथ्वी के अन्दर का ताप तथा भारी दाब के कारण हैं |

(4) पृथ्वी की गहराई में जाने पर गर्मी क्यों महसूस होती है ?-

ANS- पृथ्वी की गहराई में जाने पर गर्मी इसलिये महसूस होती है क्योकि वहां अत्यधिक दाब रहता है | जैसे- पृथ्वी की गहराई में जाते हैं, वैसे-वैसे दाब बढ़ता जाता है| इसी दाब के कारण ताप बढ़ता जाता है और हमें गर्मी महसूस होती है |

  1. V. कोलार कहाँ है ?

ANS-

कोलार कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है | यह कर्नाटक के कोलार जिला में आता है | कोलार भारत के पुराने स्थलों में से है |

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कक्षा- 6, हमारी दुनिया, भाग- 1, अध्याय- हमारा सौरमंडल, Q.-1. (iii) | Class-6, Our World, Part-1, Chapter-1, Our Solar System, Q. 1. (iii)

कक्षा- 6     हमारी दुनिया             भाग- 1

1.हमारा सौरमंडल

अध्याय-1. (हमारा सौरमंडल)

  • 1. (iii) सौर परिवार का मुखिया कौन है ?
  • A- पृथ्वी
  • B- चन्द्रमा
  • C- सूर्य
  • D- नक्षत्र

Ans- (C ) सूर्य  

सूर्य सौर परिवार का मुखिया है, यह परिवार का सबसे बरा एवं प्रमुख सदस्य है, सौर परिवार के सभी सदस्य प्रायः इसके प्रकाश से ही प्रकाशित होते हैं |

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कक्षा- 6, हमारी दुनिया, भाग- 1, अध्याय- हमारा सौरमंडल, Q.-1. (ii) | Class-6, Our World, Part-1, Chapter-1, Our Solar System, Q. 1. (ii)

कक्षा- 6     हमारी दुनिया             भाग- 1

1.हमारा सौरमंडल

अध्याय-1. (हमारा सौरमंडल)

  • 1. (ii) सूर्य की आकृति कैसी है ?

 

  • A- गोल
  • B- चिपटी
  • C- वर्गाकार
  • D- आयताकार

Ans- (A ) गोल 

करीब नब्बे लाखवें भाग के अनुमानित चपतेपन

के साथ, यह करीब – करीब गोलाकार हैं .

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कक्षा- 6, हमारी दुनिया, भाग- 1, अध्याय- 1, हमारा सौरमंडल, Q.-1. (i) | Class-6, Our World, Part-1, Chapter-1, Our Solar System, Q. 1.

कक्षा- 6     हमारी दुनिया             भाग- 1

1.हमारा सौरमंडल

2.पृथ्वी एवं उसकी गतियां

3.पृथ्वी के परिमंडल

4.पृथ्वी के प्रमुख स्थल रूप

5.दिशाएं

6.पृथ्वी और ग्लोब

7.मानचित्र अध्ययन

8.हमारा राज्य बिहार

9.बिहार दर्शन- 1

10.बिहार दर्शन- 2

अध्याय-1. (हमारा सौरमंडल)

  • 1. (i) राशियों की कुल संख्या कितनी है ?

A- 5                             B- 12

C- 8                              D-  27

Ans- (B ) 12

तारों के कई विशेष समूह हैं, जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है तो सूर्य विभिन्न तारा समूहों के बीच नजर आता है, ऐसे समूहों की संख्या बारह है, इन्हें हम राशी भी कहते हैं, इन राशियों में जो तारे हैं किसी न किसी आकृति के तरह नजर आते हैं, उन्ही आकृतियों के नाम पर इन राशियों के नाम दिये गये हैं | ये विडियो देखे .

मधुबनी जिले के पट्टिटोल गांव में कोरोना के 5 नए मरीज मिलने से फैले सनसनी,एक ही परिवार के हैं सभी

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भारत सरकार ने डाले महिला जन धन खाते में 500 | Government of India added 500 women to Jan Dhan account

बैंक खाते का आखिरी अंक  वितरण की तारीख 
0 व 1 4/05/2020
2 व 3 5/5/2020
4 व 5 6/5/2020
6 व 7 8/5/2020
8 व 9 11/5/2020

11 मई के बाद कभी भी ये राशि निकाल सकते हैं .