New Hamari Duniya3 Class 7 | With Full Best information in Hindi

Hamari Duniya3 Class 7
Hamari Duniya3 Class 7

हेल्लों दोस्तों नमस्कार, आज हम आप को Hamari Duniya3 Class 7 से जुरे सारी जानकारी देने वाले हैं, इसलिए आप इसे पूरा पढ़े, ताकि आप को सभी जानकारी मिल सके, तो चलिए शुरू करते हैं-

हमारी दुनिया (Hamari Duniya3 Class 7) 2022

!! यहाँ पर आने के लिए मैं आप का दिल से हार्दिक स्वागत करता हूँ और करता रहूँगा !! आप यहाँ पर जिस सोच के साथ आये हैं, यहाँ पर आप को सब कुछ मिलेगा. तो चलिए शुरू करते है.

मैं कक्षा सात में दिया गया ऐसा प्रश्न का उतर बताने जा रहा हूँ, जिसको जानना सब के लिए जरुरी हैं.

BSEBBihar School Examination Board    

किताब का नाम हैंहमारी दुनिया    

किताब का भाग हैं 2  

पाठ का नाम हैंआंतरिक बल एंव उससे बनने वाली भू – आकृतियाँ

इस में पहला प्रश्न यह हैं किछोटानागपुर क्या है?

इस प्रश्न का उत्तर ये रहा– छोटानागपुर का पठार तीन छोटे छोटे पठारों से मिलकर बना है जिनमे राँची का पठार, हजारीबाग का पठार और कोडरमा का पठार शामिल है।

राँची पठार सबसे बड़ा पठार है जिसकी औसत ऊँचाई 700 मीटर है। पूरे छोटानागपुर पठार का क्षेत्रफल लगभग 65,000 वर्ग किलो

इस में दूसरा प्रश्न यह हैं किभू-सतह पर भूकंप के केन्द के ऊपर स्थित स्थान क्या कहलाता है?

इस प्रश्न का उत्तर ये रहा– पृथ्वी के केन्द्र को भूकम्प के केन्द्र से जोड़ने वाली रेखा जिस स्थान पर पृथ्वी की सतह को काटती है उसे भूकम्प का अभिकेन्द्र (epicenter) कहते हैं।

इस में तीसरा प्रश्न यह हैं किभारत को कितने भूकंप तीव्रता के क्षेत्रों में बांटा गया है?

इस का उत्तर ये रहा– (भारतीय मानक ब्यूरो (आईएस-1893 (भाग-1): 2002) ने अनेक एजेंसियों से प्राप्त विभिन्न वैज्ञानिक जानकारियों के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों या जोन यानी जोन-2, 3, 4, और 5 में बांटा है)

Question-4. सतपुरा पर्वत उदाहरण है-

(क) भ्रंश घाटी का (ख) वलित पर्वत का (ग) ब्लाँक पर्वत का (घ) भ्रशोतथ पर्वत का

Ans- (ग) ब्लाँक पर्वत का (यह पर्वत श्रेणी एक ब्लाक पर्वत है, जो मुख्यत: ग्रेनाइट एवं बेसाल्ट चट्टानों से निर्मित है)

Question-5. सही मिलान कर लिखिए –

1.हिमालय             (क) संचयन पर्वत

2.फ्यूजियामा          (ख) वलित पर्वत

3.अरावली              (ग) लावा निर्मित पठार

4.दक्कन                (घ) अवशिष्ट पर्वत

Ans- 1.हिमालय(ख) वलित पर्वत           

2.फ्यूजियामा(क) संचयन पर्वत         

3.अरावली(घ) अवशिष्ट पर्वत             

4.दक्कन(ग) लावा निर्मित पठार

Question-6. स्पष्ट कीजिए –

अधिकेन्द– पृथ्वी की सतह पर वह स्थल-बिंदु जो भूकंप के उद्गम केंद्र से सब से कम दूरी पर स्थित होता है

और इसी स्थल-बिंदु पर भूकंपी तरंगों की ऊर्जा का विमोचन होता है

उद्गम केंद्र- पृथ्वी के अन्दर जिस स्थान पर भूकम्प का जन्म होता है, उस स्थान को भूकम्प केन्द्र या भूकम्प उद्गम मूल कहा जाता है ।

सिस्मो ग्राफ- इसमें कागज पर ग्राफ बनता है जब भूकम्प आता है तो पेंसिल से कागज पर ग्राफिक्स बनने लगती हैं उसी ग्राफ से तीव्रता का पता चलता है

रिक्टर स्केल- इसमें लघुगणकीय संख्या 1-10 तक अंकित रहती है | भूकम्प की उच्चतम आयाम और निम्नतम

Hamari Duniya3 Class 7 Question-7. भूकम्प क्यों आते हैं ?

Ans- हमारी पृथ्वी की उपरी सतह प्लेटों में विभाजित है जो हमेशा गतिमान रहती है | उस गति के कारण कुछ प्लेटों एक दुसरे के पास आती हैं

तो कुछ दूर जाती हैं तो कुछ दूर जाती हैं तो कुछ साथ –साथ रहती हैं |

जिसके कारण आपस में टकराहट होती है और कंपन शुरू होता है इसी कारण भूकंप आते है |

Question-8. भूकंप का मानव जीवन पर क्या प्रभाव परता है? (What is the effect of earthquake on human life?) 2021

Ans- भूकंप का मानव जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव परता है | छोटे –बरे मकान ध्वस्त हो जाते हैं | बहुत –से आदमी उसके मलवे

में दब जाते हैं | इस प्रकार भारी जानमाल की हानी होती है |

Question-9. ज्वालामुखी किसे कहते हैं? (What is a Volcano?) 2021

Ans- कभी – कभी और कहीं – कहीं पृथ्वी के अन्दर से तस्ल अग्नि की ज्वाला निकलने लगती है, उसी को ज्वालामुखी कहते है |

Question-10. पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के परिणामस्वरूप निर्मित होने वाली स्थ्लाकृतियाँ कौन – कौन सी हैं | वर्णन कीजिए ?

Ans- पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के परिणामस्वरूप निर्मित होने वाली स्थ्लाकृतियाँ अनेक हैं |

ज्वालामुखी पर्वत पृथ्वी की आंतरिक शक्ति का परिणाम हैं |

वैसे ही पृथ्वी की आंरतरिक शक्ति से पहार बनते हैं, पहारियां बनती हैं और पठार बनते हैं | पठारों पर भी पहरियाँ दिख जाती हैं |

Question-10. पर्वत के प्रकारों का उदाहरण सहित वर्णन करें |

Ans– पर्वत चार प्रकार के होते है :

(i) वलित पर्वत – धरातलीय भाग पर उत्पन दाब के कारण चट्टानों में बल परने लगते हैं | इससे वहां की धरातल ऊपर उठ जाता है | और वलित पर्वत बनता है |

उदाहरण में एशिया का हिमालय, यूरोप का राकी |

(ii) भारंशोत्थ पर्वत – धरातल पर कहीं और कभी समान्तर भारंश के बाद बीच का भाग ऊपर उठा रह जाता है

पर्वत – सा दिखने लगता है | ऐसे ही पर्वत को भारंशतथ पर्वत कहते है |

जैसे यूरोप का ब्लैक फर्रेस्ट और भारत का विंध्याचल|

(iii) संचयन वर्वत – ज्वालमुखी द्वारा निकले लावा ठंडा होकर संचित होते जाते है |

कालक्रम में इस संचित लावा का ढेर लग जाता है और पर्वत बन जाता है इसी को संचयन पर्वत कहते है |

जैसे जपान का फ्यूजियामा तथा अफ्रीका किलीमजारो |

(iv) अवशिष्ट पर्वत – हवा, वर्षा, बर्फबारी आदि अपरदन की शक्तियों द्वारा पर्वत की चोटी कटती – छटती तथा घिसती रहती है |

इससे इसकी ऊचाई बहुत कम हो जाती है |

जैसे – अरावली, पूर्व और पशिचमी घाट पर्वत |

Question-11. भूकंप से होनेवाली क्षति से हम कैसे बच सकते हैं ?

Ans– भूकंप से होनेवाली क्षति से हम तभी बच सकते हैं जब नागरिकों को इससे बचने के उपायों से अवगत करायें |

जो भी भवन बने, उनको विज्ञानिक ढंग से भूकंपरोधी बनाया जाय |

इससे भूकंम से होनेवाली क्षती को कम किया जा सकता है या क्षति से बचा जा सकता है |